वीरभद्रासन
इस आसन का अभ्यास टांगों को मजबूत बनाता है और हिप्स में उभार लाता है। इस आसन से भुजाएं भी सुडौल होती हैं और शरीर तनाव से मुक्त होता है। इसे गर्भवती महिलाएं और गंभीर बीमारी से पीड़ित न करें।
उत्कटासन
उत्कटासन में खुद को एक कुर्सी की तरह खड़ा करना होता है। इस आसन से जंघाओं और शरीर के पिछले हिस्से में मजबूती और खूबसूरती आती है। जिनके घुटनों में दर्द या ब्लड प्रेसर की बीमारी हो उसे यह आसन नहीं करना चाहिए।
नौकासन
इस आसन में कुछ सेकेंड के लिए खुद को नाव के आकार का बनाना होता है। यह आसन पूरे शरीर के लिए लाभकारी है। खासकर पेट, हिप्स और पैर इससे सुडौल होते हैं। गर्भवती महिलाओं और गंभीर बीमारी से पीड़ित को यह आसन नहीं करना चाहिए।
बद्ध कोणासन
यह शरीर के निचले हिस्से को में तनाव लाता है जिससे जंघाओं और हिप्स का आकार सुडौल होने के साथ मजबूत भी होता है। घुटनों संबंधी परेशानी से ग्रस्त शख्स को यह आसन नहीं करना चाहिए।






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