मंदिर की घंटियां कैडमियम, जिंक, निकेल, क्रोमियम और मैग्नीशियम से बनती हैं जिसकी आवाज़ दूर तक जाती है। ये आपके मस्तिष्क के दाएं और बाएं हिस्से को संतुलित करता है। जैसे ही आप घंटी या घंटा बजाते हैं एक तेज आवाज पैदा होती है, ये आवाज़ 10 सेकेंड तक गूंजती है। इस गूंज की अवधि आपके शरीर के सभी 7 हीलिंग सेंटर को एक्टीवेट करने के लिए काफी अच्छी होती है। ये आवाज़ आपने मस्तिष्क के विचारों में स्पष्टता लाती है जिस वजह से आप ऐसी स्थिति में पहुंच जाते हैं जब आपको पहले से ज्यादा चीजें समझ आने लगती हैं। ये आवाज आपकी एकाग्रता बढ़ाती है, आपको अलर्ट या सचेत रखती है। इससे आपके दिमाग के नकारात्मक विचार भी दूर होते हैं।
अब अगली बार जब आप मंदिर जाएं तो घंटी जरूर बजाएं। ये आपको जागरूक और एकाग्र बनाएगी। इसकी आवाज आपको मानसिक शांति भी देती है।

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