एक अध्ययन में इस बात का दावा किया गया है की इस एप्प से डिप्रेशन की बीमारी से ग्रस्त लाखों लोगों को मदद मिलने की संभावना पैदा हुई है। अनुसंधानकर्ताओं ने पाया है कि स्मार्टफोन एप से लोगों के अवसाद के लक्षण में उल्लेखनीय कमी आई है। अध्ययन करने वालों में ऑस्ट्रेलिया के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ काम्पलिमेंट्री मेडिसिन और अमेरिका के हार्वर्ड मेडिकल स्कूल के अनुसंधानकर्ता भी शामिल हैं।
वहीँ, एनसीआईएम के प्रोफेसर जिरोम सैरिस ने कहा, आंकड़ों से यह पता चलता है कि स्मार्टफोन से लोगों को अपने मानसिक स्वास्थ्य पर नजर रखने, उसे समझाने और उसके प्रबंधन में मदद मिल सकती है। इस अध्ययन का प्रकाशन वर्ल्ड साइकैट्री जर्नल में हुआ है।

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