हिमाचल के कुल्लु के शांघड़ गांव में देवता शंगचुल महादेव का मंदिर है जहां प्रेमी जोड़ों को आसरा दिया जाता है। यहां किसी भी जाति का प्रेमी जोड़ा आ सकते है और जब तक वह इस मंदिर की सीमा में रहते हैं तब तक उन्हें कोई कुछ भी कह नहीं सकता यहां तक की रिश्तेदार भी नहीं।
यहां पर भागकर आए कपल का मामला जब तक सुलझ नहीं जाता तब तक मंदिर के पंडित उनकी खातिरदारी करते हैं। 2015 में आधी रात को अचानक से इस मंदिर में आग लग गई थी। इसके लिए इस मंदिर का दोबारा निर्माण करवाया गया। इस गांव में पुलिस के अाने पर भी पांबदी है। इसके अलावा शराब और सिगरेट पीना भी मना है। यहां पर हथियार लाना भी मना है और न ही कोई ऊंची आवाज में बात भी नहीं कर सकता।

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