प्राचीन यूनान में हर राजनेता का जन मामलों में अपना मत और विचार होता था। जिसका नहीं होता था, वह चुपचाप रहता था। तब उसे इडियट कहा जाता था। जो लोग सबके सामने जनता से जुड़े मामलों में चुप रहते थे, वे इडियट कहलाते थे। जबकि आज के दौर में इसका उल्टा है। जो ज्यादा बोलता है या बक-बक करता है, उसके लिए इडियट शब्द इस्तेमाल किया जाता है।
खास बात है कि आधुनिक यूनानी भाषा में इडियट के नकारात्मक मायने नहीं हैं। यहां इसका मतलब निजी होता है। मसलन निजी संपत्ति और निजी मामले आदि। अंग्रेजी में सिर्फ इसे गलत मतलब के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

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