सेब का इस तरह करेंगे इस्तेमाल तो होगा कई बीमारियों में फायदा!


सेब खाने के कई फायदे तो आप भी जानते होंगे, लेकिन अगर सेब का अलग तरीके से इस्तेमाल किया जाए तो इसका दोगुना फायदा हो सकता है। सेब के प्रयोग से माइग्रेन, खांसी, बुखार आदि से भी निजात पा सकते हैं। आइए जानते हैं.....

बुखार में सेब का प्रयोग :- सेब के पत्ते और इसके पेड़ की छाल को लगभग 5 से 7 ग्राम की मात्रा में लेकर उबालकर छान लें। इस पेय के सेवन से किसी भी तरह के बुखार व सर्दीजनित बीमारियों से तुरंत राहत मिलेगी। सर्दी में 2-4 काली मिर्च और थोड़ी सी सौंठ मिलाकर प्रयोग करें।

माइग्रेन में सेब का प्रयोग :- माइग्रेन के रोगी या जिनको सिरदर्द रहता हो, उनके लिए सेब वरदान है। सुबह खाली पेट नियमित रुप से सेब का सेवन करने से इन बीमारियों से छुटकारा पाया जा सकता है। अगर आप स्वच्छ वातावरण में रहते हों तो रात में सेब रो टुकड़ो में काटकर चांदनी रात में रखें। सुबह उसका सेवन करें। ऐसा करने से माइग्रेन व सिरदर्द की समस्या शीघ्र समाप्त हो जाएगी।

नेत्र विकारों में सेब का प्रयोग :- अगर आंखों में किसी कारण से सूजन हो, लालिमा हो या संक्रमण हो तो कच्चे सेब को आग में भूनकर इसकी पुल्टिश बनाकर आंख पर रखने से लाभ मिलता है।

खांसी में सेब का प्रयोग :- खांसी होने पर सेब का ज्यूस निकाल कर उसमें उचित मात्रा में मिश्री व काली मिर्च मिला लें। कुछ दिन इस ज्यूस का सेवन करने से खांस में आराम मिलने लगेगा।

पेट के विकारों में सेब का प्रयोग :- कच्चे सेब जो पकने से पहले ही पेड़ से गिर जाते हैं उन्हें सुखाकर रख लें और करीब 5 ग्राम सूखे सेब व तने की छाल को 400 मिली पानी में उबालें और जब 100 मिली पानी बच जाए तो इसे छानकर रख लें। इसके सेवन से संग्रहणी, अतिसार, मरोड़ व पेट के अन्य विकारों में तुरंत लाभ मिलेगा।

अतिसार में सेब का प्रयोग :- जिन लोगों को बार-बार दस्त लगते हों या संग्रहणी की शिकायत हो, वो कच्चे सेब को सुखाकर इसका पाउडर बना लें और सुबह-शाम 1-1 चम्मच पाउडर का प्रयोग करें। इसके अलावा कच्चे सेब का ज्यूस निकालकर उसमें थोड़ी मात्रा में सौंठ मिलाकर सेवन करने से पेचिश, दस्त या अतिसार में तुरंत फायदा मिलेगा।

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