◾ ग्रहण के दौरान सोने से स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ता है। शास्त्रों के अनुसार केवल बीमार, वृद्ध और गर्भवती महिलाएं ही दिन में या शाम को सो सकती हैं।
◾ मान्यता है की शाम के समय देवी-देवता पृथ्वी का भ्रमण करते हैं। जिन घरों में ग्रहण के समय ईश आराधना हो रही होती है, उन घरों को उनका आर्शीवाद प्राप्त होता है। इस दौरान किसी भी तरह का शुभ काम नहीं होता।
◾ शरीर के किसी भी अंग पर तेल न लगाएं, त्वचा संबंधी रोग होने का खतरा रहता है।
◾ दंपति को एक-दूसरे से दूरी बनाकर रखनी चाहिए, ब्रह्मचार्य का पालन करना चाहिए। ग्रहणकाल में यदि गर्भ ठहर जाए तो उससे पैदा होने वाली संतान में शारीरिक या मानसिक विकार रहते हैं। जिसका इलाज कर पाना मैडिकल सांइस के लिए भी संभव नहीं है।
◾ ग्रहण के वक्त कुछ भी खाना-पीना नहीं चाहिए। पके भोजन को ग्रहण के बुरे प्रभाव से बचाने के लिए उस में तुलसी के पत्ते डाल दें।

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