हाथ की इस रेखा की वजह से शादी में आती है बहुत कठिनाइयां!


विवाह रेखा कनिष्टका यानि सबसे छोटी ऊंगली के निचले हिस्से में आड़ी होती है। यह क्षेत्र बुध पर्वत कहलाता है। कई जातकों के हाथों में एक विवाह रेखा तो कइयों के हाथ में अनेक विवाह रेखाएं होती हैं। यदि कई विवाह रेखाएं हैं तो इनमें से जो सबसे गहरी एवं स्‍पष्‍ट होती है वही मान्‍य होती है। बाकी छोटी-छोटी एवं अस्‍पष्‍ट रेखाएं संबंधों के बिछड़ने या टूटने का संकेत देती हैं।

➪ अधिक विवाह रेखाएं तलाक, विवाहोत्तर संबंधों की ओर इशारा करती हैं।

➪ अगर दो विवाह रेखाएं हैं जिनमें से एक स्पष्ट एवं बेहद गहरी जबकि दूसरी महीन, लेकिन बुध पर्वत तक विकसीत है तो ऐसी रेखा जीवन में दो शादियों का संकेत देती है।

➪ अगर विवाह रेखा ऊपर की ओर आती हुई हृदय रेखा से मिले या विवाह रेखा पर तिल हो, क्रॉस का निशान हो तो शादी में बहुत कठिनाइयां आती हैं।

➪ यदि विवाह रेखा स्वास्थ्य रेखा से स्पर्श करे तो विवाह नहीं होता है। अगर विवाह रेखा पर एक से अधिक द्वीप हों या काला तिल हो तो यह जीवन भर अविवाहित होने का तरफ इशारा करती है।

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