सुस्त पड़े पति-पत्नी के रिश्ते में नया जोश भर देंगे वास्तु के ये उपाय!


वैवाहिक जीवन पति-पत्नी की आपसी समझ पर जितना निर्भर करता है उतना ही प्रभाव वास्तु से भी पड़ता है। कभी-कभी हम देखते हैं कि सबकुछ ठीक चलते हुए भी किसी न किसी कारण से मनमुटाव, बेवजह का विवाद बना ही रहता है। इसका कारण वास्तु दोष हो सकता है। आइये जानते हैं वास्तु के अनुसार किन बातों का ध्यान रखकर आप अपना वैवाहिक जीवन सुखी और खुशी से भरपूर बना सकते हैं......

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1. उत्तर-पूर्व और दक्षिण-पूर्व की दिशा बेडरूम किसी भी हाल में नहीं होना चाहिए। यह विवाद पैदा करता है। बेडरूम हमेशा दक्षिण-पश्चिम या उत्तर-पश्चिम दिशा में होना चाहिए। इससे पति-पत्नी के बीच आपसी प्रेम बना रहता है।

2. बेड किस चीज से बना है यह भी बहुत मायने रखता है। मेटल या रॉट आयरन का बना बेड नकारात्मक ऊर्जा का कारक होता है। लकड़ी का बेड दांपत्य जीवन के लिए सबसे अच्छा होता है। बेड का आकार भी आड़ा-टेढ़ा या गोल न हो। यह चौकोर होना चाहिए।

3. बेडरूम में कभी भी डार्क कलर नहीं होना चाहिए। दीवारों पर हल्का नीला, हल्का हरा या रोज पिंक कलर करें। संभव हो तो बेडरूम की सभी दीवारों पर एक ही रंग करें। अलग-अलग रंग मस्तिष्क को भ्रमित करते हैें।

4. एक अच्छी और प्यारभरी रिलेशनशिप के लिए पत्नी को बेड के बाएं भाग में सोना चाहिए और पति को दाएं भाग में। इससे अधिक सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और दोनों का आपसी प्रेम बढ़ता है।

5. डबल बेड पर गद्दा सिंगल ही होना चाहिए। दो सिंगल गद्दे रिश्ते को बुरी तरह प्रभावित करते हैं। इससे मानसिक संतुलन बिगड़ता है और पति-पत्नी के बीच संबंधों में दरार आती है।

6. बेडरूम में मिरर नहीं होना चाहिए। यह पति-पत्नी के बेवजह की मिसअंडरस्टैंडिंग और झगड़े का कारण बनता है। यदि बेडरूम में कोई मिरर लगा हुआ है तो उसे कम से कम रात के समय कपड़े से ढंक दें।

7. दंपती को सोते समय सिर हमेशा दक्षिण दिशा में रखना चाहिए। इससे नींद भी अच्छी आती है।

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