इस शोध में बताया गया कि 22 साल और 40 साल की दो महिलाओं की केस स्टडी से पता चला कि स्मार्टफोन का इस्तेमाल करने से शुरुआत में इनमें अंधेपन के लक्षण देखे गए। डॉक्टर्स के मना करने के बावजूद इन्होंने सावधानी नहीं बरती जिसके चलते इन्हें अपनी आंखों की रोशनी खोनी पड़ी। शोधकर्ताओं ने इस बीमारी को नामट्रांजिएंट स्मार्टफोन ब्लाइंडनेस दिया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, शुरुआत में इन महिलाओं को कुछ वक्त के लिए दिखाई देना बंद हो जाता था। महिलाओं के कई टेस्ट किए गए लेकिन इसकी वजह का पता नहीं चल पाया। बाद में जब इन महिलाओं से जब पूछा गया कि ऐसा अक्सर कब होता है तो उन्होंने बाताया कि रात में जब वो लेटकर स्मार्टफोन इस्तेमाल कर रहीं होती हैं तब ऐसा होता है। इसलिए अगर आपको भी टेंपरेरी ब्लाइंडनेस शिकायत है तो ये संभल जाने का वक्त है।

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