रिश्तों की मजबूती :-
हिन्दू संस्कृति में शादी के दिन होने वाली वर्षा को ‘रिश्तों की मजबूती’ से भी जोड़ा जाता है। कहते हैं शादी के दिन वर्षा का पानी जब वर-वधु को एक साथ बांधने वाली ‘कन्यादान की गांठ’ पर पड़ता है तो वह उसे मजबूत बना देता है।
दाम्पत्य जीवन में खुशहाली :-
कुछ संस्कृतियों का मानना है कि वर्षा जिस प्रकार से वातावरण को स्वच्छ करने का काम करती है, उसी प्रकार से यह शादी के दिन को भी अच्छा बनाती है। बारिश आने से सभी जगह खुशहाली बंटती है और इसीलिए किसी की शादी के दिन यदि वर्षा हो जाए तो यह एक शुभ प्रतीक माना जाता है।
संतान का सुख :-
कई लोगों ने यह दावा किया है कि उनकी शादी के दिन वर्षा होने से उन्हें जल्द से जल्द संतान का सुख प्राप्त हुआ है। दरअसल एक मान्यतानुसार शादी के दिन वर्षा होने जैसी स्थिति को ‘प्रजनन’ से जोड़ा जाता है।




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