इस जनजाति में बच्चों को बाकायदा फिजिकल रिलेशन की ट्रेनिंग दी जाती है। हालांकि लड़के और लड़की का चुनाव उनके परिवार वाले आपसी सहमति से करते हैं। जिन लड़के-लड़की के बीच फिजिकल रिलेशन हुए हैं, अमूमन उनके बीच ही शादी होती है, लेकिन लड़के-लड़की की अगर चाहें तो आपसी सहमति से वह अपने पार्टनर बदल भी सकते हैं। इतना ही नही 11-12 साल की उम्र होते ही उस लड़के-लड़की की शादी कर दी जाती है।
यह परंपरा सालों से चली आ रही है। इसके चलते बच्चे कम उम्र में ही परिपक्व हो जाते हैं। 20 साल की उम्र होते-होते तो ये चार-पांच बच्चों के माता-पिता बन चुके होते हैं इतना ही नही इन बच्चों से छोटी सी उम्र से ही काफी शारीरिक काम भी करवाया जाने लगता है।

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