इन 5 राशियों पर नहीं पड़ता शनि साढ़े साती और ढैय्या का बुरा प्रभाव, शनि रहते हैं मेहरबान

 
ज्योतिष शास्त्र अनुसार कर्मफल दाता शनि देव की सदैव बुरी दृष्टि ही पड़े ऐसा बिल्कुल भी नहीं है। शनि देव सभी को उनके कर्मों के अनुसार फल देते हैं। यानी अच्छे कर्मों का अच्छा फल और बुरे कर्मों का बुरा फल। अगर किसी व्यक्ति के कर्म खराब होते हैं तो शनि उसे अपनी दशा के दौरान कष्ट पहुंचाते हैं। लेकिन कुछ राशियां ऐसी मानी जाती हैं जिन पर शनि की दशा का उतना प्रभाव नहीं पड़ता जितना बाकी राशियों पर पड़ता है। जानिए ये कौन सी राशियां हैं।

1. तुला: शनि देव की इन राशि वालों पर विशेष कृपा रहती है। इस राशि के स्वामी ग्रह शुक्र हैं। जिनके साथ शनि के मैत्री संबंध हैं। शनि तुला राशि में उच्च स्थिति में होते हैं। वर्तमान में इस राशि वालों पर ढैय्या चल रही है। लेकिन शनि की किसी भी दशा का तुला वालों पर उतना बुरा प्रभाव नहीं पड़ता है जितना की बाकी राशि वाले लोगों पर पड़ता है। इस राशि वालों पर शनि देव की उपासना करके शनि ग्रह को मजबूत करने की कोशिश करनी चाहिए।

2. धनु: इस राशि के स्वामी ग्रह बृहस्पति हैं। शनि के इनसे सम संबंध माने जाते हैं। यानी ये दोनों ग्रह न तो एक दूसरे के दुश्मन हैं और न ही बहुत अच्छे मित्र। ज्योतिष शास्त्र अनुसार इस राशि वालों पर भी शनि की साढ़े साती या शनि की ढैय्या का उतना बुरा प्रभाव नहीं पड़ता। शनि की दशा इस राशि के जातकों के लिए सामान्य रहती है। इस राशि वालों पर शनि साढ़े साती का आखिरी चरण चल रहा है।

3. मकर: शनि इस राशि के स्वामी ग्रह हैं और वर्तमान में इसी राशि में गोचर भी कर रहे हैं। ज्योतिष शास्त्र अनुसार स्वामी ग्रह होने के कारण शनि की मकर वालों पर विशेष कृपा रहती है। इस राशि वालों के लिए शनि साढ़े साती उतनी कष्टदायी नहीं होती। मकर राशि वालों पर शनि साढ़े साती का दूसरा चरण चल रहा है।

4. कुंंभ: शनि इस राशि के स्वामी ग्रह भी हैं। जिस कारण कुंभ वालों पर भी शनि देव की विशेष कृपा रहती है। वर्तमान में इस राशि वालों पर शनि साढ़े साती का पहला चरण चल रहा है। 

5. मीन: इस राशि के स्वामी ग्रह देव गुरु बृहस्पति हैं। इनके साथ शनि का सामान्य संबंध है। शनि न तो इनके दुश्मन हैं और न ही अच्छे दोस्त। ज्योतिष शास्त्र अनुसार शनि की दशा इस राशि के जातकों के लिए अधिक कष्टदायी नहीं होती है।

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