क्रेडिट स्कोर में हो सकता है सुधार: क्रेडिट ब्यूरो आपके क्रेडिट स्कोर की गणना करते वक़्त आपके क्रेडिट इस्तेमाल अनुपात को देखते हैं। यह अनुपात एक कार्डधारक द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली कुल क्रेडिट लिमिट का अनुपात है। आम तौर पर क्रेडिट कार्ड कंपनियां CUR को 30 प्रतिशत से अधिक के स्तर पर होने पर कर्ज का संकेत मानते हैं। इसलिए क्रेडिट लिमिट बढ़ाने से आपके क्रेडिट स्कोर में सुधार देखने को मिल सकता है। Paisabazaar.Com के निदेशक साहिल अरोड़ा ने बोला कि यदि आपके मौजूदा क्रेडिट कार्ड कंपनी आपके क्रेडिट कार्ड की सीमा को बढ़ाने से मना करते हैं, तो अन्य कार्ड जारी करने वालों से अतिरिक्त क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन करना होगा।
वित्तीय संकट से निपटने में सहूलियत: क्रेडिट लिमिट बढ़ने पर वित्तीय संकट से निपटने में सहूलियत होती है। यह नौकरी छूटने, बीमारी, दुर्घटना, विकलांगता आदि वित्तीय संकट के कारण इमरजेंसी फंड के रूप में काम कर सकती है।
ज्यादा लोन मिलने की संभावना: एक बढ़ी हुई क्रेडिट लिमिट आपको ज्यादा लोन दिला सकती है। यह लिमिट आमतौर पर क्रेडिट कार्ड धारक की क्रेडिट लिमिट के बदले स्वीकृत होते हैं। आमतौर पर क्रेडिट कार्ड के बदले लोन प्री-अप्रूव्ड होते हैं।
कर्ज के जाल में फंसने का डर: एक बढ़ी हुई क्रेडिट कार्ड लिमिट के बाद आप अधिक खर्च कर सकते है, लेकिन अगर इसका यूज समझदारी नहीं किया तो कर्ज के जाल में फंस सकते हैं।
ज्यादा ब्याज चुकाना पड़ सकता है: यदि आप प्रत्येक माह अपने बिल का पेमेंट नहीं करते हैं, तो आप अपनी बकाया राशि पर ज्यादा ब्याज चुकाना पड़ सकता है।
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