वास्तु शास्त्र के मुताबिक, पेड़-पौधों को उचित दिशा में लगाया जाए, तो ये आश्चर्यजनक तौर पर फायदेमंद हो सकते हैं। सूर्य की किरणों तथा अन्य प्राकृतिक ऊर्जा के असर के चलते वास्तु शास्त्र में कुछ दिशाएं भारी निर्माण तथा भारी चीजों को रखने के लिए उचित होती हैं, तो वही कुछ दिशाएं तुलनात्मक तौर पर ज्यादा हल्की तथा खाली रखी जाती हैं। दिशाओं के इन्ही गुणों के आधार पर ही हमें घर में वृक्ष लगाने चाहिए।
उदाहरण के लिए प्रातः के समय पड़ने वाली लाभकारी पराबैंगनी किरणों का पूरा फायदा प्राप्त हो सके, इसीलिए उत्तर तथा पूर्व दिशा में पीपल, बरगद नारियल जैसे भारी, लम्बे एवं ज्यादा फैलाव वाले वृक्ष लगाने से बचना चाहिए। यहां पर छोटे पौधे लगाए जा सकते हैं। तुलसी का पौधा उत्तर अथवा उत्तर-पूर्व दिशा में लगाया जा सकता है। उत्तर दिशा में रेड कलर के पौधे नहीं लगाएं। वहीं, दूसरी तरफ दक्षिण तथा पश्चिम दिशाओं में पड़ने वाली हानिकारक अवरक्त किरणों से बचाव के लिए इन दिशाओं में भारी वृक्ष लगाए जा सकते हैं। दक्षिण दिशा में नीले कलर के वृक्ष लगाना शुभ परिणाम नहीं देगा। तथा इन सभी चीजों का ध्यान रखते हुए पेड़-पौधे लगाए।



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