तिहाड़ जेल प्रशासन का बड़ा फैसला, 4 हजार कैदियों को पैरोल पर छोड़ने का लिया निर्णय


वैश्विक महामारी कोरोना वायरस की दूसरी लहर से 'भयानक' स्थिति बनी हुई है। मगर तमाम सख्तियों के बावजूद संक्रमण से हालात बिगड़ते जा रहे हैं। कोविड संक्रमण हर दिन एक नया रिकॉर्ड तोड़ रहा है। आलम यह है कि चार दीवारी के अंदर रहने वाले लोगों पर भी कोरोना ने हमला बोला है। तमाम जेलों के अंदर कैदियों के कोरोना से संक्रमित की खबरें आई हैं। कोरोना का साया राजधानी दिल्ली में स्थित देश की सबसे बड़ी जेल तिहाड़ जेल पर भी पड़ चुका है। हालांकि कोरोना के केस बढ़ने की वजह से तिहाड़ जेल प्रशासन ने करीब 4 हजार कैदियों को पैरोल पर छोड़ने का निर्णय लिया है।

तिहाड़ जेल से इन कैदियों को 90 दिन की अंतरिम जमानत पर छोड़ा जाएगा। तिहाड़ जेल में 10 हजार 26 कैदियों की क्षमता है, लेकिन फिलहाल 19 हजार 679 कैदी यहां बंद हैं। जेल में कोरोना संक्रमण की सेकेंड वेब के चलते 300 से ज्यादा कैदी और 100 से ज्यादा कर्मचारी संक्रमित हो चुके हैं। इतना ही नहीं, बीते हफ्ते में 5 कैदियों की कोविड से मौत हो चुकी है। इसलिए तिहाड़ जेल प्रशासन ने यह फैसला लिया गया है, ताकि जेल में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करवाया जा सके।

उधर, दिल्ली की सबसे बड़ी जेल में कैदियों के संक्रमित होने और कुछ कैदियों के मरने की खबर के बाद जेलों में कोरोना को लेकर पैदा हुए हालात पर सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया है। जेलों में कोरोना के हमले के बाद सुप्रीम कोर्ट कैदियों को जमानत पर रिहा करने पर विचार कर रहा है। कोर्ट ने कहा कि आदेश जल्द पारित किया जाएगा। सुनवाई के दौरान CJI एन वी रमना ने कहा कि इस वक्त हालात बहुत खतरनाक हैं। कोरोना की दूसरी लहर पिछली बार के मुकाबले इस बार ज्यादा परेशान करने वाली है। आपको बता दें कि पिछली बार भी कुछ खास कैटेगरी के कैदियों को सुप्रीम कोर्ट ने जमानत पर रिहा करने के आदेश दिए थे।

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