प्रेग्नेंसी में महिलाएं अपने खानपान पर खास ध्यान देती है। क्या खाने से बच्चे की सेहत को फायदा मिलेगा। क्योंकि जो भी चीज मां खाती हैं उसका असर गर्भ में पल रहे बच्चे पर पड़ता है। इस दौरान प्रेग्नेंट महिलाओं के शरीर में हॉर्मोन्स की वजह से कई तरह के बदलाव होते हैं। प्रेग्नेंसी एक जटिल प्रकिया होती है। खाने पीने में किसी भी तरह की लापरवाही का असर होने वाले बच्चे पर पड़ता है। गर्भवती महिलाओं को इस दौरान पौष्टिक और बैंलेस डाइट खाना चाहिए। पौष्टिक आहार में प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, फैट, विटामिन, फाइबर और मिनिरल्स का संतुलित आहार होना चाहिए। हम आपको बता रहे हैं कि प्रेग्नेंसी के दौरान किन चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए। इन चीजों का सेवन नहीं करने से मिसकैरेज यानी गर्भपात से बच सकती हैं....
- प्रेंग्नेट महिलाओं को पपीता नहीं खाने की सलाह दी जाती हैं। क्योंकि पपीता खाने से मिसकैरेज यानी गर्भपात होने का खतरा बढ़ जाता है। बता दें कि पपीता उन महिलाओं को खाने की सलाह दी जाती है जिन्हें पीरियड्स समय पर नहीं होते हैं। पपीता में लेटेक्स होता है जो यूटेराइन कॉनट्रैक्शन शुरू कर देता है। जिसका मतलब है समय से पहले लेबर पेन शुरू हो सकता है।
- प्रेंग्नेट महिलाओं को शराब का सेवन नहीं करना चाहिए। एक्सपर्ट के मुताबिक इसका असर गर्भ में पर पल रहे बच्चे के मानसिक विकास पर पड़ता है। शराब पीने से गर्भपात का खतरा बढ़ जाता है।
- प्रेग्नेंट महिलाओं को कच्चा अंडा नहीं खाना चाहिए । कच्चे अंडे में सालमोनेला बैक्टीरिया होता है जिसकी वजह से उल्टी, दस्त, पेट में दर्द, बुखार आदि हो सकता है। इतना ही नहीं सालोमोनेला बैक्टीरिया बच्चे को भी नुकसान पहुंचा सकता है।
- प्रेग्नेंट महिलाएं अक्सर चाय- कॉफी पीती हैं। जरूरत से ज्यादा कॉफी पीने से गर्भ में पल रहे बच्चे को नुकसान पहुंच सकता है। इसके अलावा बच्चे के जन्म के दौरान उसका वजन कम होने का मुख्य कारण हो सकता है।



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