तब वेस्टइंडीज के खिलाफ कोलकाता में मंटू बनर्जी और गुलाम अहमद ने पदार्पण करते हुए 4-4 विकेट लिए थे। बावजूद इसके कैरेबियाई टीम 366 रन बनाने में काबयाब रही थी। हालांकि यह मैच ड्रॉ रहा था। तब लाला अमरनाथ भारतीय टीम के कप्तान हुआ करते थे। अब लंबे अंतराल के बाद नटराजन और सुंदर के रूप में भारत की ओर से डेब्यू करने वाले दो खिलाड़ियों ने एक ही टेस्ट पारी में 3+ विकेट चटकाए।
इस रिकॉर्ड के अलावा भी टी. नटराजन अपने पहले टेस्ट को कई मायनों में यादगार बनाया। एक ही दौरे में खेल के तीनों फॉर्मेट में डेब्यू करने वाले पहले भारतीय बने नटराजन ने आरपी सिंह के खास क्लब में भी जगह बनाई है। ब्रिस्बेन टेस्ट की पहली पारी में 78 रन पर तीन विकेट चटकाते हुए वह डेब्यू में किसी लेफ्ट आर्म पेसर के सबसे अच्छे आंकड़े वाले दूसरे गेंदबाज भी बन गए। आरपी सिंह ने अपने पहले टेस्ट में पाकिस्तान के खिलाफ 2005/06 में 89 रन देकर 4 विकेट झटके थे।




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