विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कोविड-19 के टीके के आपात उपयोग की मंजूरी देने के भारत के फैसले का रविवार को स्वागत करते हुए कहा कि यह मौजूदा महामारी के खिलाफ लड़ाई को तेज और मजबूत करने में मदद करेगा। भारत के औषधि नियामक ने सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा निर्मित ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के कोविड-19 के टीके ‘कोविशील्ड' और भारत बायोटेक के स्वदेश विकसित टीके ‘कोवैक्सीन' के देश में सीमित आपात उपयोग की रविवार को मंजूरी दे दी। इसके साथ ही, देश में आने वाले दिनों में कम से कम दो टीकों के साथ टीकाकरण अभियान शुरू करने का मार्ग प्रशस्त हो गया है।
डब्ल्यूएचओ दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र की क्षेत्रीय निदेशक डॉ. पूनम खेत्रपाल सिंह ने कहा, ‘डब्ल्यूएचओ दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र में कोविड-19 के टीके के प्रथम आपात उपयोग की मंजूरी का विश्व स्वास्थ्य संगठन स्वागत करता है। भारत द्वारा आज लिए गये फैसले से क्षेत्र में कोविड-19 महामारी के खिलाफ लड़ाई तेज करने और उसे मजबूत करने में मदद मिलेगी।'
खेत्रपाल के मुताबिक प्राथमिकता प्राप्त आबादी में टीके का उपयोग, जन स्वास्थ्य के अन्य उपायों का क्रियान्वयन जारी रखना तथा सामुदायिक भागीदारी महामारी का प्रभाव घटाने में महत्वपूर्ण होंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना वायरस के खिलाफ भारत की जंग में इसे निर्णायक क्षण बताते हुए कहा कि इससे कोविड मुक्त भारत की मुहिम को बल मिलेगा।



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