भारत में बच्चों को कोरोना वैक्सीन के लिए अभी लंबा इंतजार करना पड़ सकता है। ये दावा किया है पुणे स्थित सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के मालिक और सीईओ अदार पूनावाला ने। हिन्दुस्तान टाइम्स लीडरशिप समिट में पूनावाला ने कहा कि बच्चों को कोरोना वैक्सीन के अभी चार महीने का इंतजार करना पड़ा सकता है। उनका कहना है कि यह वायरस उनके लिए कम खतरनाक है।
उन्होंने कहा कि अगर सब कुछ सही रहा तो अगले साल मार्च-अप्रैल तक ये वैक्सीन सभी के लिए उपलब्ध होगी। सीरम इंस्टीट्यूट जो संख्या के हिसाब से दुनिया का सबसे बड़ा वैक्सीन निर्माता है, ने ब्रिटिश फार्मा कंपनी और वैक्सीन निर्माण में सहायक एस्ट्राजेनेका के साथ मिलकर 1 बिलियन खुराक तैयार करने, भारत समेत अन्य छोटे देशों में वितरण और बिक्री के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।
पूनावाला ने दावा किया है कि यह वैक्सीन दूसरे टीकों फाइजर और माडर्ना की तुलना में काफी सस्ती होगी। यह बाजार में 500 से 600 रुपए तक मिलेगी। दूसरे टीकों की तुलना में यह पांच से छह गुना कम दाम पर मिलेगी। इस कोरोना वैक्सीन के कोई साइड इफेक्ट नहीं होगे। हालांकि कई लोगों को बुखार जैसी मामूली शिकायतें हो सकती हैं, जो सिर्फ पैरासिटामॉल से ही ठीक की जा सकती हैं।




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