पूरी दुनिया पर मंडरा रहे हैं दो बड़े संकट, जिनके सामने कोरोना कुछ भी नहीं


 इस वक्त पूरी दुनिया के लिए कोरोनावायरस एक सबसे बड़ा खतरा बना हुआ है।  जिससे पूरी दुनिया में आर्थिक संकट की समस्या हो रही है। इसी बीच अमेरिकी भाषाविद और राजनीतिक विश्लेषक नॉम चोम्स्की ने दावा किया है कि कोरोना संक्रमण महामारी उन दो संकटों से काफी छोटी है, जो इस दुनिया में आने वाले हैं। एक इंटरव्यू में चोम्स्की ने कहा कि परमाणु युद्ध और ग्लोबल वार्मिंग  वो दो संकट हैं जो मानव सभ्यता के विनाश का कारण बन सकते हैं।


नॉम चोम्स्की ने कहा कि यह सबसे चौंकाने वाली बात है कि कोरोना वायरस ट्रंप की सरकार के दौरान आया है और इसलिए अब ये और भी बड़ा खतरा नज़र आ रहा है। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस भयानक है और इसके भयंकर परिणाम हो सकते हैं, लेकिन हम इससे उबर जाएंगे। लेकिन अन्य दो खतरों से उबर पाना नामुमकिन होगा। इनसे सब कुछ तहस-नहस हो जाएगा। अमेरिका के पास बढ़ती जा रही असीम ताकत आने वाले विनाश की वजह बनेगी।


चोम्स्की ने कहा कि जर्मनी के पास एक विश्वसनीय अस्पताल प्रणाली है लेकिन उसने सिर्फ अपने हित के लिए इसका इस्तेमाल किया। सबसे खराब रवैया अमेरिका और ब्रिटेन का रहा जिन्होंने किसी देश की तरफ मदद का हाथ नहीं बढ़ाया। उन्होंने कहा कि यह मानव इतिहास का एक महत्वपूर्ण क्षण है. न केवल कोरोना वायरस की वजह से, जो दुनिया की खामियों के बारे में जागरूकता ला रहा है, बल्कि पूरे सामाजिक-आर्थिक प्रणाली की गहरी त्रुटियों के बारे में भी हमें इस वक्त पता चल रहा है। अगर हमें जीवन जीने लायक भविष्य चाहिए तो मौजूदा हालात को बदलना ही होगा।

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