अधिकतर बैंक अब आपके सेविंग्स अकाउंट खोलने के बाद सिर्फ डेबिट कार्ड देते हैं, उसका पिन नंबर नहीं भेजते। बैंक अकाउंट खोलते वक्त आपने जो मोबाइल नंबर दिया है, उसकी मदद से आप अपने डेबिट कार्ड का पिन ATM के जरिए खुद जेनरेट कर सकते हैं। बैंक के पिन को डाक या कूरियर से भेजने पर किसी और व्यक्ति के हाथ लग जाने की आशंका रहती थी, इस वजह से बैंक अब ग्राहकों को ग्रीन पिन की सुविधा दे रहे हैं।
ग्रीन पिन ATM की मदद से खुद जेनरेट होने वाले पिन को कहते हैं। पहले डाक या कूरियर से आने वाले प्रिंटेड पिन नंबर में पेपर का इस्तेमाल किया जाता था। अब इसकी जरूरत नहीं रह गयी है। कागज का इस्तेमाल कम करने की बैंकों की पहल की वजह से इस पिन को ग्रीन पिन का नाम दिया गया है।
- सबसे पहले ATM में डेबिट कार्ड डालें।
- इसके बाद आपको पिन जेनेरेशन का विकल्प मिलेगा।
- अगर पहली स्क्रीन पर आपको पिन चेंज, पिन जेनरेशन का विकल्प नहीं मिल रहा है तो आप मोर ऑप्शन विकल्प पर क्लिक करें।
- यहां आपको पिन चेंज/पिन जेनरेट करें का विकल्प मिलेगा।
- इस पर क्लिक करने के बाद आपको बैंक अकाउंट और मोबाइल नंबर डालने के लिए कहा जायेगा।
- इसे कन्फर्म करने के बाद बैंक अकाउंट में रजिस्टर्ड आपके मोबाइल नंबर पर एक वन टाइम पासवर्ड (OTP) आएगा।
- इस OTP को डालने के बाद ATM मशीन आपको पिन बनाने का विकल्प देगी।
- इसके बाद आप बैंक अकाउंट के हिसाब से चार या छह अंक का पिन नंबर बना सकते हैं।
- ATM आपसे दोबारा पिन नंबर डालने के लिए कहेगी।
- दोबारा इसे डालने के बाद कन्फर्म करने पर आपको स्क्रीन पर एक मैसेज दिखेगा-आपका पिन सफलतापूर्वक बदल/जेनरेट हो गया है।



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