इस बाइक को स्क्रैप यानी कबाड़ की मदद से डिजाइन और डेवलप किया गया है। पहले इसे इलेक्ट्रिक बाइक के रूप में तैयार किया गया था। लेकिन फिर बाद में इसकी परफॉर्मेंस बेहतर ना होने के कारण इसे इलेक्ट्रिक बाइक से पेट्रोल बाइक में मॉडिफाई किया गया।
गौरव बताते हैं कि इस बाइक को बनाने का आइडिया उन्हें करीब चार-पांच साल पहले आया था। जब इलेक्ट्रिक मोपेड चलनी शुरू ही हुईं थी, तब मेरा उनको चलाने का मन करता था, लेकिन मेरे पास उन्हें खरीदने के पैसे नहीं थे। अपनी बाइक की ख्वाहिश को पूरा करने के लिए गौरव ने बच्चों की साइकिल को मॉडिफाई कर के पहले इलेक्ट्रिक बाइक बनाई और करीब तीन साल तक उस पर मेहनत की। लेकिन उन्हें स्पीड और पावर को लेकर खास मजा नहीं मिल पा रहा था। इसके बाद बाइक को पेट्रोल इंजन के साथ मॉडिफाई किया।




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