पाकिस्तान के अखबार डॉन की एक खबर के मुताबिक शोहेल महमूद ने अमेरिका से कहा, ''तनाव बढ़ने से रोकने और जम्मू-कश्मीर विवाद के शांतिपूर्ण समाधान के लिए कदम उठाना अनिवार्य है।'' आए दिन सीमा में आतंकवादियों की घुसपैठ कराने वाले पाकिस्तान ने यह भी कहा कि कश्मीर में भारत की सैन्य घेरेबंदी और पाकिस्तान के खिलाफ आक्रामक तेवर शांति और सुरक्षा के लिए खतरा है।
गौरतलब है कि पिछले कुछ समय में पाकिस्तान ने कई बार अमेरिका से हस्तक्षेप की मांग की है। इमरान खान ने भी अमेरिकी दौरे के समय राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से कश्मीर मुद्दे पर मध्यस्थता की अपील की थी। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि यदि दोनों देश चाहें तो वह मध्यस्थता करने के लिए तैयार हैं। हालांकि, भारत ने इसे पूरी तरह खारिज कर दिया था। कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने से बेवजह चिढ़ा पाकिस्तान दर-दर भटक रहा है। कश्मीर पर समर्थन नहीं मिलने की वजह से ही उसका सऊदी अरब से भी रिश्ता खराब हो गया है।
पाकिस्तान के साथ भारत की सीमा विवाद सहित अन्य मुद्दों पर भी बातचीत लंबे समय से बंद है। भारत इस नीति पर अडिग है कि पाकिस्तान के साथ बातचीत फिर तभी शुरू होगी जब वह पूरी तरह आतंकवादी गतिविधियों को रोक देगा। बातचीत और आतंकवाद दोनों साथ-साथ नहीं चल सकते हैं।

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