जैसा कि केला पोटैशियम से भरपूर फल है। लेकिन, इसमें डायटरी फाइबर भी काफी अधिक होता है। इसीलिए, यह वेट लॉस के लिए एक मददगार फूड साबित होता है। फाइबर की मौजूदगी से एक केला खाकर भी पेट भर जाता है। इससे, और अधिक खाने की इच्छा नहीं होती। जिससे, कम कैलोरी लेने और ओवरइटिंग की चिंता नहीं रहती है। फाइबर से पाचन भी सुधरता है जिससे, मेटाबॉलिज़्म बढ़ने और वेट लॉस में सहायता होती है। साथ ही केले में होता है विटामिन बी6, जो कमज़ोरी महसूस नहीं होने देता।
हार्ट-फ्रेंडली फूड
फोलेट, फाइबर, पोटैशियम और शक्तिशाली एंटीऑक्सिडेंट्स, केले को एक हार्ट हेल्दी फूड बनाते हैं। इसका अर्थ है कि केले के सेवन से दिल की सेहत अच्छी बनती है। इससे, ब्लड प्रेशर कम होता है और बैड कोलेस्ट्रॉल घटता है। यह दोनों ही स्थितियां दिल की बीमारियों का खतरा कम करती हैं। इसीलिए, ऐसा कहा जा सकता है कि केला खाने से दिल का स्वास्थ्य अच्छा रहता है।
ब्लड शुगर लेवल होता है कम
कच्चे केले में रेज़िस्टेस स्टार्च होता है। यह इंसुलिन सेंसिटिविटी बढ़ाता है जो, डायबिटीज़ का खतरा कम करती है। इसी तरह केले में सोल्यूबल फाइबर होते हैं। जो, डायबिटीज़ के मरीज़ों के लिए फायदेमंद होते हैं। केला एक लो-ग्लाइसेमिक इंडेक्स (जीआई) फूड भी है और इसे डायबिटीज़ डायट में आसानी से शामिल किया जा सकता है।



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