हिन्दू धर्म में मरने के बाद मुंह पर क्यों रखी जाती है चंदन की लकड़ी, आइये जाने !!


हर धर्म में मरने के बाद अलग अलग तरिके से अंतिम संस्कार करते है। और उसके कई नियम बनाये गए है। जिस तरह हिन्दू शास्त्रों में मनुष्य के जन्म से मृत्यु तक के लिए अलग-अलग 16 संस्कार बताए गए हैं। इन संस्कारों में सबसे आखिरी संस्कार है अंतिम संस्कार। अंतिम संस्कार किसी इंसान की मृत्यु के बाद शव को जलाने की क्रिया को कहते हैं। शव को जलाने से पूर्व भी कुछ खास परंपराओं का निर्वहन किया जाता है। इन्हीं परंपराओं में से एक परंपरा है शव के मुख पर चंदन की लकड़ी रखना। तो आइये जानते है इस परम्परा के बारे में ....


धार्मिक कारण.... 

हिन्दू धार्मिक मान्यता के अनुसार मृतक के मुख पर चंदन की लकड़ी रख कर दाह संस्कार करने से उसकी आत्मा को शांति मिलती है तथा मृतक को स्वर्ग में भी चंदन की शीतलता प्राप्त होती है। हर कोई चाहता है कि उसे मौत के बाद स्वर्ग ही प्राप्त हो, इसी क्रम में मृत्यु के पश्चात जब मृतक का दाह संस्कार करते हैं तब वह इस रिवाज़ को निश्चित अपनाते हैं।


वैज्ञानिक कारण.... 

इस प्रथा के पीछे वैज्ञानिक कारण यह है कि मृतक का दाह संस्कार करते समय शरीर के मांस और हड्डियों के जलने से अत्यंत तीव्र दुर्गंध फैलती है। उस समय चंदन की लकड़ी भी जलाने से दुर्गंध का प्रभाव काफी कम हो जाता है। हालांकि दुर्गंध पूरी तरह समाप्त तो नहीं होती, लेकिन कुछ कम अवश्य हो जाती है।

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