आपने आज तक कई मुर्तिया देखि होंगी। जिनमे कई तो बड़ी है और कई छोटी छोटी प्रतिमाये है। वैसे तो दुनिया की सबसे बड़ी बुद्ध प्रतिमा चीन के दक्षिण-पश्चिमी सिचुआन प्रांत में है, जिसे बनाने में 90 साल से ज्यादा का समय लगा था। पत्थर की इस विशालकाय मूर्ति को बनाने की शुरुआत तांग वंश (618-907) के शासनकाल में वर्ष 713 में हुई थी, लेकिन क्या आप जानते हैं कि दुनिया की सबसे बड़ी सोने की मूर्ति कहां है? दरअसल, यह मूर्ति भगवान बुद्ध की है, जिसके बारे में कई तरह की हैरान करने वाली कहानियां प्रचलित हैं।
भगवान बुद्ध की इस मूर्ति को 'द गोल्डन बुद्धा' कहा जाता है। यह मूर्ति थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक के 'वाट ट्रेमिट' मंदिर में स्थित है। 9.8 फीट लंबी इस मूर्ति का वजन करीब 5500 किलोग्राम है। वैसे तो यह प्रतिमा बिकाऊ नहीं है, लेकिन फिर भी सोने के हिसाब से इसकी कीमत का अनुमान 19 अरब रुपये के आसपास लगाया गया था।
यह मूर्ति कई सालों तक दुनिया से छुपी रही थी। इसके ढूंढे जाने की कहानी भी बड़ी अजीब है। साल 1954 तक लोगों को इसके बारे में नहीं पता था कि यह मूर्ति पूरी तरह से सोने की है, क्योंकि उस समय मूर्ति के ऊपर प्लास्टर चढ़ाया गया था।
जब प्रतिमा को रखने के लिए मंदिर में एक नया भवन बनाया गया और 1955 में इसका स्थानांतरण किया जा रहा था, तब गलती से मूर्ति जमीन पर गिर गई, जिससे उसका प्लास्टर उखड़ गया और उसकी हकीकत लोगों के सामने आ गई। बाद में इस मूर्ति को रखने के लिए वाट ट्रेमिट मंदिर में एक बड़े से भवन निर्माण कराया गया और वहां भगवान बुद्ध की सोने की मूर्ति को स्थापित किया गया।
कहते हैं कि सोने की इस मूर्ति पर प्लास्टर इसलिए चढ़ाया गया था, ताकि इसे चोरी होने से बचाया जा सके। ऐसा माना जाता है कि 1767 में बर्मा के आक्रमणकारियों द्वारा अयुथ्या राज्य के विनाश से पहले मूर्ति पर प्लास्टर करने का काम पूरा हुआ होगा।



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