अक्सर साफ़ सफाई में लापरवाही बरतने के कारण गंदगी फेल जाती है। और कुछ बीमारिया गंदगी की वजह से ही होती है। टाइफायड बुखार अधिकतर दूषित खाने व दूषित पानी से होता है टायफायड बुखार के लक्षणों में शरीर में ज्वर होना व लगातार शरीर के तापमान का बढ़ना या घटना महत्वपूर्ण लक्षण है। ऐसे ही कई अन्य लक्षण भी हैं।बैक्टीरिया साल्मोनेला टायफी इंसानों में ही पाया जाता है। टायफायड से ग्रसित व्यक्ति के रक्त और धमनियों में टायफायड बैक्टीरिया रहता है। साल्मोनेला टायफी बैक्टीरिया दूषित पानी से नहाने या पानी से खाद्य सामग्री धोकर खाने से फैल सकता है।
टाइफायड बुखार के लक्षण
#आमतौर पर टायफायड ग्रसित व्यक्ति को 102 डिग्री सेल्िसयस से ऊपर बुखार रहता है और उनके शरीर में बहुत कमजोरी भी महसूस हो सकती है।
#पेट में दर्द, सिर दर्द के अलावा भूख कम लगना भी इसके आम लक्षण है। इसके अलावा टायफायड में सुस्ती व कमजो़री आती है, उल्टी महसूस होती है।
#बड़ों में कब्ज़ तथा बच्चों में दस्त भी हो सकता हैं। आंतों के संक्रमण के कारण शरीर के हर अंग में संक्रमण हो सकता है, जिससे कई अन्य संक्रमित बीमारियां होने का खतरा भी बढ़ जाता है।
#आंतों के जख्म या अल्सर के फटने से आपरेशन की स्थिति बन सकती है। टायफायड को जांचने के लिए मल का नमूना या खून के नमूने में साल्मोनेला टायफी की जांच की जाती है।
#टायफायड बुखार आमतौर पर 1 महीने तक होता है, लेकिन अधिक कमजोरी होने पर अधिक समय तक भी रह सकता है। इतना ही नहीं इससे शरीर में बहुत कमजोरी आ जाती है , जिससे व्यक्ति को सामान्य स्वास्थ्य की स्थिति में आने में बहुत समय लग जाता है।
#टाइफाइड एक खतरनाक बीमारी है, इस बीमारी में तेज बुखार आता है, जो कई दिनों तक बना रहता है।
टाइफाइड को सही करने का सबसे प्रभावी नुश्खा -
वैसे तो टाइफाइड बुखार के लिए कई सारे प्रभावी घरेलू नुस्खे हैं लेकिन प्याज का रस बहुत ही अहम और प्रभावशाली नुस्खा माना जाता है। इस बुखार में प्याज का रस पीने से बुखार जल्दी सही होता है और शरीर से बैक्टीरिया का भी खात्मा होता है। यदि मरीज को बार बार बुखार चढ़ रहा है तो उसे नियमित प्याज का रस पीना चाहिए। यह बुखार सही करने के साथ ही पेट का दर्द और कब्ज भी सही करता है।

एक टिप्पणी भेजें