1. एक स्टडी के मुताबिक, पीरियड्स के दौरान हॉर्मोन में होने वाले बदलावों के कारण ज्यादातर महिलाएं सेक्स के प्रति आकर्षण महसूस करती हैं। इससे उनके प्लेजर एक्सपीरियंस की क्षमता और बढ़ जाती है।
2. यौन संबंध के दौरान वजाइना एरिया को फोरप्ले के जरिए नैचरली ल्यूब्रिकेट करा जाता है, लेकिन पीरियड्स के दौरान यह हिस्सा गीला ही रहता है इससे उत्तेजित होना बेहद आसान हो जाता है।
3. पीरियड्स में महिलाओं का प्राइवेट पार्ट सेंसेटिव हो जाता है इससे उस पर मास्टरबेशन के दौरान पड़ने वाला प्रेशर आसानी से ऑर्गेज्म दिलाता है।
4. इतना ही नहीं एक रिसर्च के मुताबिक, पीरियड्स के दौरान अगर ऑर्गेज्म हो तो वह आम दिनों में होने वाले सेक्स के ऑर्गेज्म के मुकाबले ज्यादा लंबा और डीप होता है।
5. पीरियड्स के दौरान मास्टरबेशन से और भी कई फायदे होते हैं, जिसमें से सबसे बड़ा फायदा है क्रैंप और दर्द में राहत। मास्टरबेशन से और ऑर्गेज्म के कारण मसल्स को रिलैक्स होने का मौका मिलता है जिससे क्रैंप की समस्या कम होती है साथ ही में दर्द भी कम हो जाता है।
6. पीरियड्स के दौरान अक्सर महिलाएं मूड स्विंग का अनुभव करती हैं जिसके लिए हॉर्मोन्स जिम्मेदार होते हैं। मास्टरबेशन करने पर मूड को अच्छा करने में मदद मिलती है। ऑर्गेज्म से मिलने वाला प्लेजर और इससे रिलीज होने वाले केमिकल खुशी का अनुभव करवाते हैं।
7. एक स्टडी के दौरान महिलाओं ने पीरियड्स के दौरान मास्टरबेशन से होने वाले ऑर्गेज्म के अनुभव को इस दौरान के सेक्स से ज्यादा बेहतर बताया। इसकी अहम वजह रही कि महिलाओं को पता था कि उन्हें किस पॉइंट को टीज करना है और कितना। इन बातों का सेक्स के दौरान ध्यान रखना मुश्किल है क्योंकि यौन संबंध में प्लेजर वन साइडिड नहीं हो सकता।





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