हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले के खेरोली गांव के निवासी विक्रम गुज्जर को छुड़ाने के लिए एक दर्जन से ज्यादा हथियारबंद अपराधियों ने पुलिस थाने पर हमला किया और उस सेल को तोड़ दिया जहां गुज्जर को रखा गया और उसे लेकर फरार हो गए। अपराधियों के पास एके-47 राइफल्स भी थी। उन्होंने पुलिसकर्मियों को आतंकित करने के लिए अंधाधुध फायरिंग की।
इससे पहले गुज्जर 14 कैदियों के साथ 28 सितंबर 2000 को जिला जेल से खिड़की तोड़कर फरार हो गया था। इसमें उसे बाहर से मदद मिली थी।
महेंद्रगढ़ के पुलिस प्रवक्ता नरेश कुमार ने कहा कि उनमें से आठ गिरफ्तार किया गया था। सात तब से फरार थे, जिसमें गुज्जर भी शामिल था।
गुज्जर का महेंद्रगढ़ में गैंग है और इस गिरोह ने विभिन्न अपराधों को अंजाम दिया है। इसमें हरियाणा व राजस्थान में हत्या, डकैती,अपहरण, फिरौती व दुष्कर्म जैसे अपराध शामिल हैं।
कुमार ने कहा, "महेंद्रगढ़ जिले में 11 सबसे ज्यादा वांछित सक्रिय गैंगेस्टर हैं। नए एसपी चंद्र मोहन ने सभी पर 20,000 रुपये का इनाम रखा है। गुज्जर के सिर पर एक लाख रुपये का इनाम है।"
कुमार ने कहा कि 15 अपराधियों के साथ जेल से फरार होने के बाद तत्कालीन जेल अधीक्षक हनुमान सिंह ने महेंद्रगढ़ पुलिस थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी।



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