प्रपोजल और डेटिंग से आगे बढ़कर बात सेक्स तक पहुंच जाती है। सब कुछ ठीक चल रहा होता है लेकिन कंफ्यूजन बना रहता है कि क्या यह प्यार है या सिर्फ लस्ट है। लव और लस्ट का कंफ्यूजन यंगस्टर्स को बहुत परेशान करता है।
काउंसलर्स के अनुसार, प्यार और आकर्षण दो तरह के होते हैं। पहला जो पहली नजर में हो जाता है, किसी को देखा और लट्टू हो गए। इसे आप लव ऐट फर्स्ट साइट भी कहते हैं। जबकि दूसरा होता है, जो वक्त के साथ धीरे-धीरे बढ़ता है।
प्यार के रिश्ते में भी इंवेस्टमेंट की जरूरत होती है। यहां हम मटीरियलिस्टिक इंवेस्टमेंट की बात नहीं कर रहे हैं बल्कि वक्त और इमोशन का इंवेस्टमेंट भी इसमें शामिल है। केवल फिजिकल अटैचमेंट से बात नहीं बनती। रिश्ते इमोशन से चलते हैं। इसलिए सेक्शुअल लाइफ पर जोर न देकर अपनी बॉन्डिंग मजबूत बनाने पर जोर दें।
अगर आप अपने रिश्ते को लेकर कंफ्यूज हैं कि यह लव है या लस्ट और क्या आपको इस रिश्ते को शादी का रूप देना चाहिए? तो इन बातों पर ध्यान देना होगा, आप सोचें कि क्या आपको अपने पार्टनर के साथ क्वालिटी टाइम बिताना पसंद है? या आपको उसकी जरूरत तभी महसूस होती है जब आप फिजिकल होना चाहते हैं?
जिस रिश्ते में लव नहीं लस्ट होता है, वहां फिजिकल नीड ही हावी होती है। अगर आपके साथ भी ऐसा है तो आपको समझ लेना चाहिए कि ये प्यार नहीं है। अगर आपके इस रिश्ते में दोस्ती का भाव शामिल नहीं है आप एक-दूसरे से अपने सीक्रेट्स शेयर नहीं करते हैं तो आपको इस रिश्ते में आगे बढ़ने से पहले इस पर थोड़ी मेहनत करनी होगी।
अगर आप अकेले में अपने पार्टनर के बारे में सोचते हुए महसूस करते हैं कि इमोशनली आप उसके बिना अधूरे हैं, वही एक इंसान है जो आपको बेहतर समझता है, आप उस पर ट्रस्ट कर सकते हैं। आपकी जिंदगी में उसकी जरूरत सिर्फ फिजिकल नीड तक सीमित नहीं है बल्कि मानसिक और भावनात्मक रूप में भी आप उसे अपने पास चाहते हैं। तो समझ जाइए कि आप प्यार में हैं।







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