अनिद्रा की आदत को लेकर सबसे सबसे बुरी हालत दक्षिण कोरिया की और उसके बाद जापान की है।
विश्व के वयस्क हफ्ते में रात के दौरान औसतन 6.8 घंटे की नींद लेते हैं। वहीं वे छुट्टी के दिन रात को 7.8 घंटे की नींद लेते हैं।
सर्वे में पता चला है कि प्रत्येक दिन आठ घंटे की नींद पूरी करने के लिए 10 में से छह वयस्क (63 प्रतिशत) सप्ताहांत में अधिक सोते हैं।
10 में से चार लोगों का कहना है कि पिछले पांच सालों में उनकी नींद में गड़बड़ी आई है।
हलांकि, 26 प्रतिशत लोगों ने कहा है कि उनकी नींद अच्छी हुई है, जबकि 31 प्रतिशत ने कहा है कि उनकी नींद लेने की आदतों में कोई बदलाव नहीं आया है।
फिलिप्स ग्लोबल स्लीप सर्वे 2019 के अनुसार, कनाडा (63 प्रतिशत) और सिंगापुर (61 प्रतिशत) में लोगों को सबसे ज्यादा नींद से जुड़ी समस्याएं हैं।
नींद को प्रभावित करने में जीवनशैली का भी बहुत बड़ा हाथ है। दुनिया में नींद को प्रभावित करने के पांच मुख्य कारण है : चिंता/तनाव (54 प्रतिशत), पर्यावरण (40 प्रतिशत), कार्य व स्कूल का शेड्यूल (37 प्रतिशत), मनोरंजन (36 प्रतिशत) और स्वास्थ्य कारण (32 प्रतिशत)।
स्वस्थ रहने और हालचाल ठीक रखने में नींद एक महत्वपूर्ण भूमिका अदा करती है।

एक टिप्पणी भेजें