राजनाथ सिंह ने लोकसभा की कार्यवाही के दौरान बताया कि इस मामले में विदेश मंत्री एस. जयशंकर का बयान सबसे प्रामाणिक है क्योंकि वह जापान में दोनों नेताओं के बीच बातचीत के दौरान मौजूद थे।
विपक्ष ने जब यह मांग की कि प्रधानमंत्री को इस मुद्दे पर बोलना चाहिए, तो सिंह ने जोर देकर कहा, "कश्मीर पर कोई बात नहीं हुई।"
उन्होंने कहा, "यह सच है कि अमेरिकी राष्ट्रपति और हमारे प्रधानमंत्री के बीच वार्ता हुई थी, लेकिन कश्मीर मुद्दे पर कोई बात नहीं हुई। मैं यह भी स्पष्ट करना चाहता हूं कि कश्मीर मुद्दे पर किसी की मध्यस्थता स्वीकार करने का कोई सवाल ही नहीं है। यह शिमला समझौते का भी उल्लंघन होगा।"
रक्षा मंत्री ने कहा, "यह देश के गौरव का सवाल भी है। हम सब कुछ स्वीकार कर सकते हैं और किसी भी चीज पर समझौता कर सकते हैं। लेकिन हम अपने राष्ट्र के गौरव की कीमत पर कोई समझौता नहीं कर सकते।"
राजनाथ ने कहा कि अगर पाकिस्तान के साथ बातचीत होगी तो पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर को भी इसमें शामिल किया जाएगा।

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