प्रेगनेंसी के आखिरी महिने में सेक्स करना ज्यादा खतरनाक होता है। इस समय कपल को सेक्स से बचना चाहिए क्योंकि इससे लेबर पहले ही शुरू हो सकता है। डॉक्टर की माने तो प्रेगनेंसी के पहली तिमाही में सेक्स करने से बचना चाहिए। क्योंकि यह भ्रूण के विकास के लिए महत्वपूर्ण समय होता है। इस समय महिला की नाल गर्भाशय के ऊपरी भाग के विरुद्ध प्रत्यारोपित होती है। ऐसे समय संबंध बनाने से नाल को नुकसान हो सकता है।
बता दें कि प्रेगनेंसी के समय वुमन डब्लूओटी पोजीशन में संबंध नहीं बनाना चाहिए। कई कपल मिशनरी पोजिशन में सेक्स करते है। जिससे महिला के पेट पर दबाव पड़ता है। प्लेसेंटा गर्भाशय के उपरी भाग में स्वंय को जोडता है। लेकिन कुछ मामलों में प्लेसेंटा आपके गर्भाशय ग्रीवा के आगे या उसको ढकते हुए गर्भाशय में असमान्य रूप से पडी होती है। इस स्थिति को प्लेसेंटा प्रिविआ कहा जाता है। ऐसे में सेक्स करने से भ्रूण के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।
दरअसल, कई बार ओरल सेक्स के दौरान पुरूष उत्तेजित हो जाते है। उनके मुंह से हवा योनि में जा सकती है। जिससे एयर एम्बोलिज्म की स्थिति पैदा हो सकती है। जो कि महिला की नाल के लिए नुकसानदायक हो सकता है।

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