आयुर्वेद के अनुसार इन 4 चीजों में शहद मिला के लेने की गलती न करें, बन जाता है जहर


कौन ऐसा है जिसको शहद खाना पसंद नहीं! शहद के स्वास्थ्यवर्द्धक फायदों के बारे में जितना कहेंगे कम ही होगा। इसको नैचुरल स्वीटनर के अलावा सलाद ड्रेसिंग, स्मूदी आदि कई चीजों में डालकर डायट में शामिल किया जाता है। आयुर्वेद के अनुसार शहद को योगावही कहा जाता है क्योंकि इसमें औषधिय गुण होता है। लेकिन आपको ये जानकार आश्चर्य होगा कि कुछ ऐसे भी हेल्दी चीजें है जिनके साथ शहद को मिलाने पर वह जहर जैसा काम कर सकता है।

घी और शहद
शहद और घी समान मात्रा में न मिलायें। शहद और घी को कभी भी सही मिश्रण नहीं माना जाता है। कई फूड स्टफ में जैसे हनी-ओट्स कूकीज या मफीन में क्लेरिफाइड बटर शहद के साथ डाला जाता है जिसका प्रतिक्रिया सेहत के लिए नुकसानदेह साबित नहीं होता है। आचार्य चक्र आयुर्वेद के अन्वेषक का कहना है कि शहद और घी का मिश्रण घातक होता है बशर्ते कि उनमें 2:1 का अनुपात हो।

मूली और शहद
आयुर्वेद के अनुसार मूली और शहद को मिलाने से वह विषाक्त यौगिक बन जाता है। कभी भी भूलकर भी मूली के सलाद में शहद से ड्रेसिंग न करें।

मांसाहारी खाने में शहद
लोग मांसाहारी खानों को भूनने के समय उसके रंग को निखारने के लिए शहद का कोटिंग देते हैं।आयुर्वेद के अनुसार मीट के साथ शहद मिलाना सेहत के नजरिये से गलत होता है।

शहद को उबलते हुए पानी में न मिलाये
शहद को चाय या दूसरे ब्रेवरेज में नैचुरल स्वीटनर के रूप में डाला जाता है। आयुर्वेद में इस तरह से मिलाने से सख्त मना किया है क्योंकि शहद यूं ही जितना अमृत के समान है उतना ही पका हुआ शहद विषाक्त होता है।

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