आमतौर पर बहुत कम लोगों को इस विशेष निशान का महत्व और उपयोगिता पता होती है लेकिन यह निशान स्टेशन मास्टर के लिए बहुत उपयोगी है। दरअसल, यह एक प्रकार की सांकेतिक भाषा है और इससे रेलगाड़ी का स्टेशन मास्टर यह जान जाता है कि रेलगाड़ी उसके स्टेशन से जा चुकी है और अब उसके स्थान पर कोई भी दूसरी रेलगाड़ी प्लेटफॉर्म में आ सकती है। इस प्रकिया को 'लाइन क्लियर' होना भी कहा जाता है।
इसके अलावा स्टेशन मास्टर इस निशान को देखकर कह सकता है कि कोई भी ट्रेन 'ब्लॉक सैक्शन' में नहीं हैं। बता दें कि 'ब्लॉक सैक्शन' से तात्पर्य दो रेलवे स्टेशनों के बीच की दूरी को माना जाता है। क्रास (X) के अलावा नीचें की ओर बड़े अक्षरों में LV भी लिखा होता है। इसका मतलब ‘Last Vehicle' होता है। इस बोर्ड को रेलगाड़ी पर लगाने और निकालने की जिम्मेदारी ड्यूटी पर होने वाले गार्ड की होती है। इस क्रास (X) और LV बोर्ड को देखकर पीछे से आने वाली ट्रेनें अपने आगे चलने वाली ट्रेनों से लगातार एक सामान्य दूरी बनाकर रखती हैं। इससे असमय होने वाली दुर्घटनाओं पर रोक लगती है।

यह आर्टिकल इतना अच्छा था की मेने इस आर्टिकल का एक शब्द भी छोड़ा नहीं , इस आर्टिकल को पढ़ते - पढ़ते समय कब बीत गया पता ही नही चल पाया. sir में आपके आर्टिकल रोज पढ़ता हूं और अच्छा लगने पर शेयर भी करता हूं. आपसे सीखकर मेने ट्रेन के डिब्बे के पीछे X का निशान क्यों होता है पर आर्टिकल लिखा है. sir , आप हमेशा आर्टिकल लिख कर हमारी मदद करते हैं और हमारा भी फर्ज बनता है की आपके आर्टिकल ज्यादा से ज्यादा शेयर करे. sir, अब मुझे जाने की इजाजत दीजिए, शुक्रिया।
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