1. कहते हैं मौन मानसिक जप कभी भी कर सकते हैं लेकिन रात्रि में इस मंत्र का जप नहीं करना चाहिए क्योंकि इससे बहुत बड़े नुकसान हो सकते हैं।
2. कहा जाता है रात में गायत्री मंत्र का जाप लाभकारी नहीं होता है बल्कि इसका उल्टा प्रभाव पड़ सकता है। कहते हैं रात्रि काल में गायत्री मंत्र बिलकुल नहीं जपना चाहिए।
3. मान्यता है कि गायत्री मंत्र में चौबीस अक्षर होते हैं और यह चौबीस अक्षर चौबीस शक्तियों। सिद्धियों के प्रतीक हैं। बस इस वजह से ऋषियों ने गायत्री मंत्र को भौतिक जगत में सभी प्रकार की मनोकामना को पूर्ण करने वाला मंत्र बताया है लेकिन इसका जाप पुरे विधि विधान से करना चाहिए।
4. कहते हैं आर्थिक मामलों में परेशानी आने पर गायत्री मंत्र के साथ श्रीं का संपुट लगाकर जप करने से वह मामले खत्म हो जाते हैं।
5. कहा जाता है छात्रों के लिए यह मंत्र बहुत ही फायदेमंद है और स्वामी विवेकानंद ने कहा है कि ''गायत्री सद्बुद्धि का मंत्र है, इसलिए उसे मंत्रो का मुकुटमणि कहा गया है।''
6. कहते हैं अगर हर दिन 108 बार गायत्री मंत्र का जप करने से बुद्धि प्रखर और किसी भी विषय को लंबे समय तक याद रखने की क्षमता बढ़ जाती है और यह मंत्र व्यक्ति की बुद्धि और विवेक को निखारने का भी काम करने लगता है।

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