बथुआ के पत्ते में ढेर सारा विटामिन ए, कैल्शियम, फास्फोरस और पोटेशियम मौजूद होता है। जो महिलाओं को ही नहीं पुरुषों को भी कई दिक्कतों से निजात दिलाता है।
पीरियड्स
अगर आपको मासिक धर्म नहीं हो रहा है तो दो चम्मच बथुआ के बीज एक गिलास पानी में उबाल लें। जब पानी आधा रह जाए तो इसे छानकर पी लें। मासिक धर्म खुलकर साफ आएगा।
पेट के कीड़े
बथुआमें मौजूद विटामिन ए, कैल्शियम, फास्फोरस और पोटेशियम कई बीमारियों को दूर करने के लिए प्रयोग किया जाता है। अगर आपके पेट में कीड़े हैं तो एक कप कच्चे बथुआ का रस रोजाना पीने से पेट के कीड़े मर जाते हैं। इसके अलावा बथुआ के बीज पीसकर एक चम्मच शहद में मिलाकर चाटने से भी पेट के कीड़े मर जाते हैं।
त्वचा से संबंधी रोग
त्वचा से संबंधी सभी दिक्कतें जैसे सफेद दाग, दाद, खुजली, फोड़े ठीक करने के लिए रोज सुबह बथुआ उबालकर उसका रस पिएं। चर्म रोग ठीक करने के लिए बथुआ के पत्ते पीसकर उसका रस निकाल लें। इसके दो कप रस में आधा कप तिल का तेल मिलाकर हल्की आंच पर गर्म करें। जब ये रस आधा रह जाए तो छानकर शीशी में भर लें। इस रस को अपने चर्म रोगों पर रोज लगाएं। लंबे समय तक ऐसा करने से लाभ होता है।

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