बता दें गुरुवार को सीआरपीएफ के काफिले पर आतंकी हमला हुआ था। इस हमले में हमारे 40 जवान शहीद हो गए जबकि पांच घायल हुए। इस हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने ली थी।
आतंकी कामरान मूल रूप से पाकिस्तान-अफगान सीमा का रहने वाला था। पुलवामा हमले की पूरी जिम्मेदारी उसे ही सौंपी गई थी। वह इस हमले को अंजाम देने के लिए सीमा पार से दिसंबर में ही कश्मीर कश्मीर आया था। वह आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद में शामिल होने के बाद कश्मीर आता-जाता रहा है। जानकारी के मुताबिक वह दक्षिण कश्मीर के पुलवामा, अवंतीपुरा और त्राल में सक्रिय था।
शुरुआत में आतंकी कामरान ने मौके से भागने की कोशिश की थी। लेकिन उसे सुरक्षाबलों ने घेर लिया। देर रात जारी मुठभेड़ के दौरान कामरान और उसके दो साथी एक बिल्डिंग में छिप गए थे। जिसे सुरक्षाबलों ने विस्फोट से उड़ा दिया।

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