जैसा कि हम सब जानते और मानते है कि बच्चा गोरा हो या काला इस बात पर हमें कोई भी भेदभाव नहीं करना चाहिए, बल्कि उसे और भी प्यार के नजरिये से देखना चाहिए। और तो और कई लोगों का यह मानना होता है कि अगर बच्चें की माँ का रंग का साफ नहीं है तो भी वह बच्चें को गोरा ही चाहते हैं इसके लिए लोग गर्भवती महिलाओं को अच्छा खिलाते-पिलाते है, लेकिन हम जिस जनजाति के बारे में बात करने जा रहें हैं उसको जानकर आपकी रुह कांप जायेगी।
आपको बता दें कि यह जनजाति अडंमान में है जहां इन लोगों का यही मानना है कि अगर बच्चा थोड़ा गोरा होगा तो वह उस प्रजाति के लोगो से अलग होगा जिससे वह अपने आप को उस समाज से पृथक समझेगा। वहां की यह जनजाति गर्भवती महिलाओं को जानवारों का खुन भी पिलाते है ताकि बच्चे का रंग काला हो। इसी कारण से यहां यह परंपरागत रुप से चल रहा है।
मिली खबर के अनुसार हमें यह पता चला है कि जब भी इस जनजाति में कोई बच्चा अगर गोरा हुआ तो उसे जान से मार दिया जाता है वो भी बस इसलिए क्योंकि वह दुसरों से अलग दिखता है।
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