एक समय था जब महिलाओं के दिलों-दिमाग पर हमेशा ही अनचाही प्रेग्नेंसी का डर बना रहता था लेकिन अब बदलते वक्त के साथ ही शादी से पहले संबंध बनाने का चलन बढ़ गया है और महिलाओं को भी यौन आज़ादी मिली है। कहीं ना कहीं इस वजह से अब महिलाओं को कई पैमाने पर पुरूषों के बराबर आने का हक मिला है।
इच्छानुसार गर्भ धारण:
अब महिलाएं अपनी इच्छानुसार गर्भ धारण कर सकती हैं और शायद यही वजह है कि अब महिलाएं अपने करियर में ठहराव लेकर आने के बाद, अपनी मैरिज लाइफ के कुछ शुरुआती साल एंजॉय करने के बाद ही बच्चे को अपनी लाइफ में जगह देती हैं।
गर्भनिरोधक गोलियाँ:
गर्भनिरोधक गोली के बाद एक क्रान्तिकारी परिवर्तन ये आया है कि अब सिंगल महिलाएं भी बिना गर्भ के डर के शादी से पहले शारीरिक संबंध बना सकती हैं साथ ही अब शादी का मतलब सेक्स और सेक्स का मतलब शादी नहीं रह गया है।
मगरमच्छ का मल:
प्राचीन मिस्त्र में महिलाएं गर्भनिरोध के लिए मगरमच्छ के मल और शहद को वजाइना में मलती थीं ऐसा करने से सीमेन और कर्विक्सेस के बीच एक रूकावट बन जाती है और दोनों एक-दूसरे से नहीं मिल पाते हैं।
नींबू का रस:
एक वक्त पर महिलाएं अपने वजाइना में नींबू का रस डाला करती थी क्योंकि साइट्रिक एसिड को शुक्राणुनाशक माना जाता है और ऐसा कहा जाता है कि ऐसा करने से गर्भ का निरोध होता है। महिलाओं को प्रेगनेंसी रोकने के लिए इंटरकोर्स के बाद उकड़ू बैठकर छींकना चाहिए इससे भी इंटरकोर्स के बाद प्रेग्नेंसी नहीं होती है।



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