हिन्दू धर्म ने अगहन के महीने में शंख पूजन का विशेष महत्व बताया जाता है। अगहन के महीने में किसी भी शंख को भगवान श्रीकृष्ण का पंचजन्य शंख मान कर उसका पूजन-अर्चन करने से मनुष्य की समस्त इच्छाएं पूरी हो जाती हैं। वहीं विष्णु पुराण की माने तो शंख समुद्र मंथन के दौरान प्राप्त हुए 14 रत्नों में से एक रत्न और सुख-सौभाग्य की वृद्धि के लिए इसे अपने घर में स्थापित करना शुभ माना जाता है।
कैसे करें पूजन:
# सबसे पहले सुबह उठकर स्नान कर स्वच्छ धुले हुए वस्त्र धारण करें। इसके बाद पटिए पर एक पात्र में शंख रखें। अब उसको कच्चे दूध और जल से स्नान करवा दें और फिर स्वच्छ कपड़े से उसे पोंछें और उस पर चांदी का वर्क लगा दें।
# इसके बाद घी का दीया और अगरबत्ती जला लें और शंख पर दूध-केसर के मिश्रित घोल से श्री एकाक्षरी मंत्र लिखें तथा उसे चांदी अथवा तांबा के पात्र में स्थापित कर दें।
# इसके बाद शंख पूजन के मंत्र का जप करते हुए कुंमकुंम, चावल तथा इत्र अर्पित करके सफेद पुष्प चढ़ा दें।

एक टिप्पणी भेजें