हाल ही में करवाचौथ का व्रत सुहागिन महिआलों के द्वारा रखा गया था। ऐसे में बहुत सी ऐसी सुहागिन महिलाएं हैं जिनका करवा चौथ का व्रत किसी कारणवश छूट गया होगा और वह रख नहीं पाई होंगी। ऐसे में आज हम उन्हें एक व्रत के बारे में बताने जा रहे हैं जिसे रखकर वह करवाचौथ के व्रत की पूर्ति कर सकती हैं। इससे उनके सुहाग की अमरता बनी रहेगी।
करें ये काम:
ज्योतिषों के अनुसार जो महिलाएं इस बार करवा चौथ नहीं रख पाईं वो तुलसी विवाह के दिन व्रत रख सकती हैं। जी हाँ, जिन महिलाओं ने करवाचौथ का व्रत नहीं रखा या जिन्हे नहीं रखना था वह माता तुसली के विवाह वाले दिन यानी 20 नवम्बर को व्रत रख सकती हैं।
क्या करना है इस दिन:
माता तुलसी का विवाह करवाएं: ज्योतिषों के अनुसार तुलसी पूजा बिल्कुल करवा चौथ की तरह रखना चाहिए बिना पानी पिए। तुलसी पूजा का सीधा संबंध विष्णु पूजा से है और वो विष्णु प्रिया हैं। वहीं कहा जाता है तुलसी के पत्ते का भोग ही ठाकुर जी को लगता है और इस विवाह के दिन आपको अपने घर में तुलसी विवाह का वृहद आयोजन करना होगा।
इसी के साथ माता तुलसी का विवाह विष्णु जी के साथ पूरे शास्त्रीय विधि विधान से होगा। ज्योतिषों के अनुसार इस दिन सुहागिन महिलाएं पूरा श्रृंगार कर लें और माता तुलसी और विष्णु जी का विवाह करवाएं और उसके बाद घर में गायन, वादन और नृत्य के साथ धूम धाम करें। अंत में चंद्रमा को देखकर चंद्रमा को अर्ध्य देकर पति के हाथों जल ग्रहण कर लें।

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