मध्यप्रदेश के मंडला जिले का भीमडोंगरी गांव में सिर्फ दुल्हन को ही सफ़ेद साड़ी में विदा नहीं किया जाता बल्कि यहाँ पर दूल्हा और दुल्हन दोनों के परिजन व रिश्तेदार भी इस मौके सफ़ेद कपडे पहनकर आते हैं। यहां मातम और जश्न का एक ही लिबास है। दरअसल इस गांव के लोग गौंडी धर्म का पालन करते हैं।
यहाँ पर शराब पीना और बनाना पूर्णत प्रतिबंधित रहता है। इन लोगों को शादी और त्यौहार के मौके पर पहनावा देखकर हर कोई मातम का अंदाज़ा लगा सकता है पर यहाँ के लोग ख़ुशी के मौके पर पहनते हैं। वहीं इनकी शादी में वधु पक्ष के घर में सिर्फ चार फेरे होते हैं और बचे तीन फेरे विदाई के बाद वर पक्ष के घर में होते हैं।



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