अमेरिका के चेपेल हिल के उत्तरी कैरोलिना विश्वविद्यालय के प्रोफेसर एनी स्टेनिर ने कहा, "परिणाम स्वाभाविक रूप से गर्भधारण की कोशिश करने वाले जोड़ों में पुरुष बाझपन कारकों में एंटीऑक्सीडेंट उपचार के प्रायोगिक इस्तेमाल का समर्थन नहीं करते हैं।"
इस शोध को ईएसएचआरई बार्सिलोना के 34वीं वार्षिक बैठक में पेश किया गया। शोध दल ने 174 दंपत्तियों पर परीक्षण किया, जिसमें पुरुष साझीदारों ने एंटीऑक्सीडेंट पूरक आहार का रोजाना इस्तेमाल किया। इन्हें विटामिन सी, डी3 और ई, फोलिक एसिड, जिंक, सेलिनियम व एल-कार्निटीन दिया गया, जबकि नियंत्रित समूह को प्रायोगिक औषधि दी गई।
शोध के निष्कर्षो में दोनों समूहों में बहुत ही मामूली अंतर देखने में आया और शुक्राणुओं की संरचना में कोई विशेष अंतर देखने को नहीं मिला।

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