1990 के दशक में बेदिंग सूट एक सिंगल गार्मेंट हुआ करता था और उन्हें इस समय में बिकनी पहन कर बीच पर जाने की इजाजत नहीं थी। 1920 के दशक में महिलाओं ने खुलेआम बिकनी पहनना शुरू कर दिया। इस समय तक अलग-अलग सरकारों द्वारा नियमों के हिसाब से महिलाओं का बिकनी पहनना उचित कर दिया गया था।
इसके बाद 1920-2000 के दशक तक स्विम सूट पहनना आम हो गया है। एक्ट्रेस से लेकर आम महिलाएं कम्फर्टेबल होकर बीच पर घूमती थी। इतना ही नहीं दिग्गज डिजाइनर्स बिकनी को लेकर नए-नए डिजाइन बनाने लगे थे।
2000-2018 के दशक में बिकनी पहनना फैशन के साथ-साथ जरूरी भी समझा जाने लगा। आज के समय में बिकिनी पहनना इस बात का सबूत है कि आप सिर्फ फैशनेबल ही नहीं, बल्कि बिल्कुल फिट भी हैं।




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