ऋचा के इस आखरी खत में उन्होंने अपने जीवन से जुडी आखरी बातों का ज़िक्र किया है। त्रिशाला ने अपनी माँ का मरने से पहले का यह खत साझा करते हुए लिखा। ''यह खत मेरी माँ ने उस वक़्त लिखा जब वह मौत के बेहद करीब आ चुकी थी। इस खत को 21 साल हो चुके हैं। इसे पढ़ने के बाद मुझे पता चलता है की मेरी लेखनी इतनी अच्छी कैसे है। जिंदगी बहुत छोटी है। मैं उन्हें बहुत करती हूँ। ऋचा शर्मा की मौत 1996 हुई थी। वह ब्रेन ट्यूमर की शिकार थी।
त्रिशाला दत्त के लिए यह सदमा बहुत बुरा था। भले ही उनकी माँ उहे बहुत छोटे में उन्हें छोड़ गई लेकिन संजय दत्त त्रिशाला के हमेशा करीब रहे। संजय की जिंदगी में बहुत सी दिक्कतें आई लेकिंन उन्होंने हर परेशानी का डट कर सामना किया और कभी अपनी बेटी को अकेला नहीं छोड़ा।



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