इन तीन तरह के लोग देखते हैं पॉर्न, जानिए इनकी विशेषताएं


पॉर्न देखने वाले लोग तीन तरह के होते हैं। यह बात एक रिसर्च से सामने आई है जिसे ‘जर्नल ऑफ सेक्सुअल मेडिसिन’ नाम की एक पत्रिका ने प्रकाशित किया है। इस लेख में लिखा है कि जितने लोग पॉर्न देखना पसंद करते हैं उनमें तीन तरह के लोग होते हैं। एक रिक्रिएशनल व्यूअर्स, दूसरा डिस्ट्रेस्ड नॉन-कम्पलसिव व्यूअर्स और तीसरा ‘सेक्सुअली कम्पलसिव व्यूअर्स। इन तीनों तरह के लोगों की अलग-अलग विशेषताएं होती हैं। इस रिसर्च में इनकी विशेषताओं का भी उल्लेख किया गया है...

रिक्रिएशनल व्यूअर्स-
इस कैटगरी के लोग अपनी सेक्स लाइफ से खुश पाए गए। अक्सर देखा जाता है कि लंबे समय तक पॉर्न देखने वालों के अंदर सेक्स के प्रति एक किस्म की अनिच्छा पैदा हो जाती है। मगर इस कैटगरी के लोगों में ये चीज भी नहीं थी। इस तरह के पॉर्न व्यूअर्स इमोशनल और सेक्सुअल  दोनों तरह से सकारात्मक सोंच वाले पाए गए। इस कैटगरी में ज्यादातर या तो महिलाएं हैं या फिर ऐसे लोग जो रिलेशनशिप में हैं। इनके पॉर्न देखने का औसत हफ्ते में करीब 24 मिनट है।

सेक्सुअली कम्पलसिव व्यूअर्स-
इस कैटगरी में वे लोग आते हैं जो बहुत ज्यादा पॉर्न देखते हैं। इनमें ज्यादातर तो अकेले ही बैठकर देखते हैं। इसमें अधिकांश लोग पुरुष हैं। इनको पॉर्न देखने की एक तरह की लत लग जाती है, जिसकी वजह से ये बिना पॉर्न देखे ये रह नहीं पाते। इस वजह से इनको कई तरह की परेशानियां भी होती हैं।

डिस्ट्रेस्ड नॉन-कम्पलसिव व्यूअर्स-
इस कैटगरी में वे लोग आते हैं जो अच्छा महसूस करने के लिए पॉर्न देखते हैं। इनकी लाइफ में सेक्स की कमी होती है और उसी कमी को भरने के लिए वे लोग पॉर्न देखते हैं। ऐसे लोग सेक्स करने पर बहुत संतुष्टि महसूस नहीं करते। इस वजह से वो सेक्स टालते भी हैं और पॉर्न देखकर वो इसी कमी को भरने की कोशिश करते हैं। औसतन ये लोग हफ्ते में 17 मिनट पॉर्न देखते हैं।

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