अविवाहित लड़कियों के लिए किसी नरक से कम नहीं हैं छौपाड़ी प्रथा


पीरियड्स या मासिक धर्म प्रकृति की देन है। महिलाओं के साथ होने वाली ये चीज प्रकृति द्वारा प्रदान की गई है, लेकिन कई जगहों पर पीरियड्स की वजह से महिलाओं को नर्क जैसे हालातों का सामना करना पड़ता है। पीरियड्यस के दौरान उन्हें घर से बाहर निकाल दिया जाता है।


नेपाल के कुछ इलाकों में आज भी ये अंधविश्वास माना जा रहा है। इसे छौपाड़ी प्रथा के नाम से जानते हैं। जिसके मुताबिक पीरियड्स के दौरान महिलाओं को घरों से बाहर रखा जाता है। उन्हें घर से बाहर एक झोपड़ी में रखा जाता है जिसे छौपाड़ी कहते हैं। इस प्रथा के मुताबिक शादीशुदा महिलाओं को पीरियड्स में जहां एक दिन के लिए तो वहीं अविवाहित महिलाओं को 1 हफ्ते के लिए छौपाड़ी में रहना होता है।


नेपाल में पीरियडस् के दौरान महिलाओं पर पाबंदी लगा दी जाती है। वो न तो घर में रह सकती है, न रसोई घर जा सकती है, न वो मंदिर जा सकती है न तालाब न सार्वजनिक नलों से पानी पी सकती है। उनके साथ पराए जैसे व्यवहार किया जाता है। हालांकि इस प्रथा पर बैन लगाया जा चपुका है, लेकिन अभी भी पश्चिमी नेपाल के इलाकों में प्रथा चालू ही है।

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