पीरियड्स के दिनों में इन धर्मो में महिलाओं को पवित्र माना जाता हैं!


पुराने जमाने की बात करें तो जिन महिलाओं को पीरियड्स की समस्या होती है उसके साथ बुरा व्यवहार किया जाता था। उन्हें अपवित्र माना जाता था। शास्त्रों के अनुसार उन्हें कई नियमों का पालन करना पड़ता है। पीरियड्स को लेकर सभी धर्मों का अपन-अपना नियम है। जानिए किस धर्म में महिलाओं को इन दिनों में पवित्र माना है....

हिंदू धर्म
हिंदू धर्म में पीरियड्स के दौरान महिलाओं को अपवित्र माना जाता है। इन दिनों में वह न तो पूजा-पाठ करती हैं और न ही रसोई का कोई काम। इसके साथ ही शुभ काम में उन्हें कोसों दूर रखा जाता था, लेकिन आज के समय में इन नियमों को कोई नहीं मानता है।

सिख धर्म
सिख धर्म में महिलाओं को पीरियड्स के दिनों में पवित्र माना जाता है। गुरू नानक देव जी के अनुसार मां का खून जिंदगी देने के लिए बहुत जरूरी है इसलिए यह पवित्र है। इसमें हर काम करने की छूट है।

बौद्ध धर्म
इस धर्म में इन दिनों में महिलाओं को पवित्र माना जाता है। वह हर काम कर सकती है। लेकिन कुछ मान्यताओं के अनुसार माना जाता है कि ऐसे दिनों में वह अपनी कुछ शक्तियां खो देती है।

इस्लाम धर्म
इस धर्म में महिलाओं को अपवित्र माना जाता है। इस दौरान वह न तो कुरान छू सकती है और न ही मस्जिद में जा सकती है। इतना ही नहीं इन दिनों में वह शारीरिक संबंध भी बनाने की इजाजत नहीं है।

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